Skip to main content

Featured

Mastering the Box Theory

  From 6 Years of Losses to Six-Figure Profits: Mastering the Box Theory If you’ve been struggling with trading, you’re not alone. Many spent six or more consecutive years in a cycle of frustrating and humiliating losses. Me was grinding every day, studying endless charts, only to watch my hard-earned money vanish into the market. Everything changed when I discovered a simple strategy called the Box Theory . Over the last eight months, I’ve seen hundreds of traders use this exact method to turn their fortunes around. Here is how you can use it to find consistency in any market—whether it’s Bitcoin, Forex, or the NIFTY. Step 1: Set Up Your "Naked" Chart The pros always start with a Daily Chart . The reason is simple: the daily timeframe has the highest concentration of liquidity. This is where the most significant activity happens and where your chances of making a profit are highest. To start: Open a daily chart of your chosen asset. Ensure it is a "naked" chart —no...

वीकली CPR (Central Pivot Range): जॉब के साथ सफल ट्रेडिंग की मास्टर स्ट्रैटेजी

 

वीकली CPR (Central Pivot Range): जॉब के साथ सफल ट्रेडिंग की मास्टर स्ट्रैटेजी

क्या आप एक वर्किंग प्रोफेशनल हैं और जॉब के साथ-साथ ट्रेडिंग से दूसरी इनकम बनाना चाहते हैं?
अक्सर लोगों को यह समझने में कन्फ्यूजन रहती है कि ऑफिस के काम के बीच मार्केट के सटीक लेवल्स को कैसे ट्रैक किया जाए।

इस ब्लॉग में हम वीकली CPR (Central Pivot Range) पर आधारित एक ऐसी स्ट्रैटेजी समझेंगे, जो कम समय में भी मार्केट की दिशा पहचानने में मदद करती है।


1. CPR (Central Pivot Range) क्या है?

CPR, साधारण Pivot Points का एक उन्नत (Enhanced) वर्ज़न है।
जहाँ सामान्य पिवट पॉइंट सिर्फ एक न्यूट्रल लाइन देता है, वहीं CPR इसे तीन महत्वपूर्ण लाइनों में विभाजित करता है:

  • Central Pivot Line

  • Top Central Pivot (TC)

  • Bottom Central Pivot (BC)

CPR का फायदा

अक्सर प्राइस न्यूट्रल पिवट को तोड़कर वापस उसी के आसपास आ जाता है, जिससे ट्रेडर्स False Breakout का शिकार हो जाते हैं।
CPR की ये तीन लाइनें मिलकर एक रेंज बनाती हैं, जो ऐसे गलत सिग्नल्स को फ़िल्टर करने में मदद करती है।


2. टाइमफ्रेम का सही चुनाव: कब क्या देखें?

दिनेश जी के अनुसार, CPR इंडिकेटर अपने-आप टाइमफ्रेम के अनुसार एडजस्ट हो जाता है। सही समझ के लिए:

  • वीकली सिनेरियो:
    👉 1 घंटे (1 Hour) का चार्ट सबसे उपयुक्त
    (पूरे हफ्ते के संभावित हाई-लो लेवल्स दिखाता है)

  • मंथली सिनेरियो:
    👉 1 दिन (1 Day) का चार्ट

  • इंट्राडे ट्रेडिंग:
    👉 5 मिनट या 15 मिनट का चार्ट


3. Narrow CPR बनाम Wide CPR: मोमेंटम कैसे पहचानें?

CPR की तीनों लाइनों के बीच की दूरी, मार्केट के मोमेंटम का साफ संकेत देती है।

🔹 Narrow CPR

जब तीनों लाइनें एक-दूसरे के बहुत पास हों:

  • तेज़ मूवमेंट की संभावना

  • बड़ा ट्रेंड आने के संकेत

  • ब्रेकआउट ट्रेड्स के लिए बेहतरीन

🔹 Wide CPR

जब लाइनों के बीच गैप ज्यादा हो:

  • मार्केट कंसोलिडेट कर सकता है

  • चाल धीमी रहती है

  • CPR एक मैग्नेट की तरह काम करता है और प्राइस बार-बार उसकी ओर खिंचता है


4. टारगेट और सपोर्ट लेवल कैसे तय करें?

वीकली CPR स्ट्रैटेजी में लेवल्स को कम्बाइन करके देखा जाता है।

✅ बुलिश ट्रेड

  • 1-घंटे की मजबूत कैंडल CPR के ऊपर क्लोज हो

  • टारगेट:

    • R1 (Resistance 1)

    • Previous Week High (PWH)

❌ बेयरिश ट्रेड

  • प्राइस CPR के नीचे क्लोज हो

  • टारगेट:

    • S1 (Support 1)

    • Previous Week Low (PWL)

प्रो टिप:
R1 और PWH (Previous Week Low) एक मजबूत रेज़िस्टेंस ज़ोन की तरह काम करते हैं।

यहाँ आंशिक या पूरा प्रॉफिट बुक करना समझदारी होती है।
अगर मार्केट इसे decisively तोड़ दे, तभी नई पोज़िशन बनाएं।


5. Extra Confirmation: VWAP और 20 EMA

XXX  जी CPR के साथ-साथ VWAP और 20 EMA का भी इस्तेमाल करते हैं:

  • जब VWAP, 20 EMA के ऊपर हो → ट्रेंड पॉजिटिव

  • जैसे ही VWAP, 20 EMA के नीचे जाए → रिवर्सल का संकेत
    👉 लॉन्ग पोज़िशन से एग्ज़िट करना बेहतर


6. ट्रेडिंग साइकोलॉजी और रिस्क मैनेजमेंट

ट्रेडिंग सिर्फ इंडिकेटर्स का खेल नहीं है, बल्कि अनुशासन और मानसिक नियंत्रण का भी है।

XXX जी ने बताया कि:

  • एक महीने में उन्होंने अपनी कैपिटल को 32 गुना बढ़ाकर
    लगभग 75 लाख रुपये का प्रॉफिट बनाया

  • लेकिन खराब साइकोलॉजी और ओवर-कॉन्फिडेंस के कारण
    अगले ही महीने न सिर्फ प्रॉफिट गया, बल्कि 1 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान भी हो गया


निष्कर्ष

मार्केट में रोज़ पैसा कमाना संभव है,
लेकिन सिर्फ तभी, जब आप:

  • लेवल्स का सम्मान करें

  • लालच से बचें

  • रिस्क मैनेजमेंट को प्राथमिकता दें

  • और एक अनुशासित ट्रेडर की तरह सोचें

वीकली CPR उन लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी है, जो जॉब के साथ ट्रेडिंग करना चाहते हैं और पूरे दिन स्क्रीन के सामने नहीं बैठ सकते।


Comments