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🔍 स्विंग ट्रेडिंग के लिए स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस / 📈 Swing Trading Strategy: Stocks Ready for 10%+ Moves in a Short Period

  🔍 स्विंग ट्रेडिंग के लिए स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस 1️⃣ पिछला रेजिस्टेंस (लेटेस्ट हाई) पहचानें स्टॉक का डेली चार्ट खोलें उस हालिया हाई (Previous High) को पहचानें जहाँ से पहले कीमत नीचे आई थी यही लेवल मजबूत रेजिस्टेंस का काम करता है अगर आपको पिछला हाई पहचानना नहीं आता, तो कमेंट करें — मैं पूरा लॉजिक समझा दूँगा 2️⃣ कन्फर्म ब्रेकआउट का इंतजार करें स्टॉक की क्लोजिंग कीमत पिछले रेजिस्टेंस के ऊपर होनी चाहिए सिर्फ इंट्राडे ब्रेक होना काफी नहीं है डेली क्लोजिंग का रेजिस्टेंस के ऊपर होना जरूरी है 3️⃣ ब्रेकआउट नहीं हुआ? तो इंतजार करें अगर कीमत रेजिस्टेंस के ऊपर क्लोज नहीं देती , तो ट्रेड न लें जल्दबाजी से बचें — धैर्य ही सफल स्विंग ट्रेडिंग की कुंजी है अगले दिन देखें कि ब्रेकआउट कन्फर्म होता है या नहीं 👉 साथ ही उस रेजिस्टेंस लेवल पर Price Alert जरूर लगाएँ , ताकि जैसे ही कीमत उसे क्रॉस करे, आपको नोटिफिकेशन मिल जाए नोटिफिकेशन मिलने के बाद आप मार्केट बंद होने से पहले (लगभग 3 PM के आसपास) सुरक्षित एंट्री प्लान कर सकते हैं 4️⃣ एंट्री कब करें? जब स्टॉ...

"नो इंडिकेटर" स्ट्रेटजी — एक सिंपल और स्ट्रक्चर्ड अप्रोच - TIMING BASED

 

🎯 "नो इंडिकेटर" स्ट्रेटजी — एक सिंपल और स्ट्रक्चर्ड अप्रोच

हम इस स्ट्रेटजी का नाम "नो इंडिकेटर स्ट्रेटजी" रखते हैं। इसमें हम अपने ट्रेडिंग स्टाइल के अनुसार पूरे दिन को तीन फेज़ (Face) में डिवाइड करेंगे — ताकि हर एक एंट्री क्लियर हो और कंफ्यूजन बिल्कुल न हो।

हर फेज में तीन बातें क्लियर होंगी:

  1. एंट्री कब और कैसे लेनी है

  2. टारगेट कितना रखना है

  3. स्टॉप लॉस कहां लगाना है


⚡ फेज 1 (9:15 AM – 10:30 AM):

Step 1: निफ्टी की मूवमेंट को ऑब्ज़र्व करें (9:15 से 10:00 तक)

  • देखें कि निफ्टी अपसाइड जा रही है या डाउनसाइड।

  • अगर निफ्टी अपसाइड है, तो ऐसे स्टॉक्स ढूंढिए जो डाउनसाइड जा रहे हों।

  • अगर निफ्टी डाउनसाइड है, तो ऐसे स्टॉक्स जो अपसाइड जा रहे हों।

  • साइडवेज़ मार्केट हो, तो नो ट्रेड

Step 2: स्टॉक सिलेक्शन

  • टॉप गेनर/लूज़र की F&O वॉचलिस्ट से 5-10 स्टॉक्स फिल्टर करें।

  • उन्हें 10:00 बजे तक लिस्ट कर लें — आधे घंटे में अच्छे से समय मिलेगा।

Step 3: एंट्री टाइमिंग (10:30 AM के बाद)

  • यदि निफ्टी अपसाइड है: चुने गए डाउन स्टॉक्स का 10:30 AM का लो ब्रेक होता है, तो एंट्री।

  • यदि निफ्टी डाउनसाइड है: चुने गए अप स्टॉक्स का 10:30 AM का हाई ब्रेक होता है, तो एंट्री।


⚡ फेज 2 (12:30 PM – 1:30 PM):

Step 1: फिर से निफ्टी की मूवमेंट को देखें (12:30 से 1:00)

  • अगर निफ्टी डाउन जा रही है, तो अपसाइड स्टॉक्स ढूंढिए।

  • अगर निफ्टी अप जा रही है, तो डाउनसाइड स्टॉक्स।

Step 2: 12:30 से 1:00 तक की मूवमेंट वाले अपोज़िट स्टॉक्स लिस्ट करें।

Step 3: एंट्री का समय — 1:30 PM

  • 10:30 की तरह ही 1:30 PM पर जो हाई या लो बना है, उसके ब्रेकआउट पर एंट्री।


⚡ फेज 3 (2:15 PM – 3:00 PM): पैनिक मूवमेंट ट्रेड

  • फेज 1 या फेज 2 में जो स्टॉक्स आपने निकाले हैं, उन्हीं पर ध्यान देना है।

  • अगर निफ्टी की डायरेक्शन 2:15 से 2:30 PM के बीच में अचानक बदलती है, तो वही स्टॉक्स पैनिक करेंगे।

  • जैसे ही 3:00 PM का हाई या लो ब्रेक हो — उसपर एंट्री।

यह फेज तब फायदेमंद होता है जब आप पूरे दिन काम कर रहे हैं लेकिन पहले के फेज़ में एंट्री नहीं मिली हो।


🚨 स्टॉप लॉस और 🎯 टारगेट:

  • स्टॉप लॉस: 0.5% से लेकर 1.5% तक — स्टॉक के वॉलटिलिटी पर डिपेंड करता है।

    • स्लो स्टॉक्स: 0.5% SL

    • हाई मूवमेंट स्टॉक्स: 1.5% SL

  • टारगेट: SL का डबल

    • अगर SL 0.5% है → Target 1%

    • अगर SL 1.5% है → Target 3%


🔁 बैकटेस्ट और मॉडिफिकेशन:

"कोई भी स्ट्रेटजी परमानेंट नहीं होती। इसे समय के साथ मॉडिफाई करना सबसे जरूरी है।"

  • मार्केट बदलता है, स्ट्रेटजी को भी बदलना चाहिए।

  • जो आप आज सीख रहे हैं, कल उसे बेहतर बना सकते हैं।


🔚 निष्कर्ष:

  • एक ही दिन में 1 अच्छा ट्रेड मिल जाए, काफी है।

  • यह स्ट्रेटजी आपको डिसिप्लिन सिखाती है, मार्केट को समझने का नजरिया देती है।

  • इसका असली असर तब दिखेगा जब आप इसे खुद चार्ट्स पर बैठकर बैकटेस्ट करेंगे

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